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रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद AIIMS जोधपुर में हड़ताल, सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी; 5 करोड़ मुआवजा समेत कई मांगें

 Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 24, 2026 07:14 am IST,  Updated : Sep 24, 2026 07:21 am IST

जोधपुर एम्स में एनेस्थीसिया विभाग के 31 वर्षीय पीजी छात्र और रेजिडेंट डॉक्टर राज नीलेश यादव अस्पताल के शौचालय में मृत मिले। उनकी संदिग्ध मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : FILE (PTI)

राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एनेस्थीसिया विभाग के पीजी प्रथम वर्ष के छात्र और रेजिडेंट डॉक्टर राज नीलेश यादव (31) की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव अस्पताल के शौचालय में मिला। पुलिस ने प्रथमदृष्टया आत्महत्या की आशंका जताई है। रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज निलेश यादव की संदिग्ध मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डॉक्टरों ने मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा देने, संस्थान प्रशासन की जवाबदेही तय करने और रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों में सुधार समेत कई मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।

हड़ताल के चलते AIIMS में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि, इमरजेंसी ओपीडी और इमरजेंसी सर्जरी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। गंभीर मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

ड्यूटी के दौरान वॉशरूम में मिले थे बेहोश

डॉ. राज निलेश यादव एनेस्थीसिया विभाग में प्रथम वर्ष के पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर थे। मंगलवार को वह ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी पर थे। पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे ब्रेक के दौरान वह वॉशरूम गए थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उनके सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की और मोबाइल पर फोन किया। फोन की घंटी वॉशरूम के अंदर सुनाई देने पर सहकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर डॉ. यादव बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें तत्काल इमरजेंसी विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बसनी थाना प्रभारी नितिन डेव के मुताबिक, मौके से कुछ सीरिंज बरामद हुई हैं। पुलिस को आशंका है कि डॉ. यादव ने किसी घातक दवा का इंजेक्शन लिया हो सकता है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने बताया कि मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

परिवार और प्रशासन के बीच कई घंटे चला गतिरोध

डॉ. यादव की मौत की खबर के बाद उनके परिजन AIIMS पहुंचे। वहां परिवार और AIIMS निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी के बीच बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पोस्टमार्टम को लेकर भी कई घंटे तक गतिरोध बना रहा। बाद में शव ले जाए जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने AIIMS परिसर के पोर्च में एकत्र होकर निदेशक को ज्ञापन सौंपा। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

डॉक्टरों ने उठाए काम के दबाव और लंबी ड्यूटी के मुद्दे

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों और छात्रों ने संस्थान में रेजिडेंट डॉक्टरों के लंबे ड्यूटी घंटे, अत्यधिक कार्यभार और कामकाजी परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई। डॉक्टरों और छात्रों ने मुंह पर टेप लगाकर मौन प्रदर्शन भी किया। AIIMS के अध्यक्ष ने भी बुधवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इससे पहले संस्थान के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने डॉ. यादव को श्रद्धांजलि दी थी।

ये हैं प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की प्रमुख मांगें

रेजिडेंट डॉक्टरों ने डॉ. यादव के परिवार के लिए 5 करोड़ रुपये के मुआवजे के अलावा उनके सभी लागू लाभ, लंबित बकाया, बीमा और अन्य संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके साथ ही डॉक्टरों ने प्रशासन से:-

  • सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
  • कथित संस्थागत चूकों को स्वीकार करने और उन पर कार्रवाई की मांग की है।
  • भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों में पारदर्शिता की मांग की है।
  • कार्यकारी निदेशक की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग की है।
  • रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और छात्र संघ को औपचारिक मान्यता देने की मांग की है।
  • डॉक्टरों और छात्रों के प्रतिनिधि संगठनों एवं प्रशासन के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था करने की मांग की है।

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